Friday, May 1, 2020

जो मजदूर देखते हो

जो मजदूर देखते हो
तो फटे हालात ना देखो
उसके सोने सा हाथ देखो
 मैले कपड़े ना देखो
उसका जगमगाता ईमान देखो
उसकी बिगड़ी ना गिनों
की वो तुम्हे बनाता है
ना सोचो की तुम उसका पेट भरते हो
कि वो तुम्हारा महल सींचता है
वाहन खींचता है
हर टूटे की मरम्मत करता है
प्रकृति का उसपे कहर ना देखो
कड़ी धूप में उसका हुनर देखो
उसकी भूख ना देखो
रोटी खाते हुए उसका झुंकना देखो
उसके पैर के छाले ना देखो
उसे करते सबकी हिफ़ाज़त देखो
मौन देखो उसकी -  छबिकार सी
उसकी हंसी में इबादत देखो - गोसाई सी
जीवन का दर्शन उसका - हर दिवस नवीन है उसका, हर पहर पे यकीन है उसका
खुदा का दूत देखो उसे कि जीना सिखा रहा है वो

No comments: