गोरा तो कोई काला
ये हिन्दू वो मुसलमान
ये सिया वो सुन्नी
वो बनिया तो ये भूमिहार
क्या इतना कम था मेरे यार
की अब
वो दक्षिण से है और तुम उत्तर से
तुम दिल्ली से हो तो उसका घर है बिहार
वो जाट तुम मराठी तो हो नहीं सकता प्यार
सब लकीरें जो मैप पे खींची सहूलियत खातिर
उसे तंग जेहन में भी खींचने की है क्या दरकार ?
उसकी बड़ी सेडान
और उसका बड़ा है मकान,
वो जाता है बड़े बाजारों में नहीं जाता छोटी दुकान
चलो इससे दूर रहे
वो छोटे शहर का है,
एडजस्ट नहीं हो पाएगा
इस कल्चर में फिट नहीं हो पाएगा
चलो इससे दूर रहे
वो मछली चावल में खाता है
हमें मशरूम मीट सा लगता है
चलो इससे तो बात ही ना करें
तुम कांग्रेसी, वो बी जेपी वाला
यहां तो कभी ना ले एक निवाला
सब बराबरी तो नहीं
पर है तो सब बराबर ही
सब तो है दो आंख और एक नाक वाला इंसान
लाल खून वाला इंसान
एक परिवार बसाने वाला इंसान
कुछ अरमान पाले इंसान
कुछ राज दबाए इंसान
कहीं चोटी बढ़ाए तो कहीं मुंडा ये इंसान
आगे बढ़ने को आजमाने को तैयार
खुद का तो कभी औरो का भला करता इंसान
खुद को बदलने वाला इंसान
चलो हम कहीं मन से ना हो जाएं बीमार
जो बचा है उसे ही बचा लें
अब मिल के संभाले और संभाले मेरे यार
कुछ बंटवारे मिटाए
और बन जाएं एक परिवार !
ये हिन्दू वो मुसलमान
ये सिया वो सुन्नी
वो बनिया तो ये भूमिहार
क्या इतना कम था मेरे यार
की अब
वो दक्षिण से है और तुम उत्तर से
तुम दिल्ली से हो तो उसका घर है बिहार
वो जाट तुम मराठी तो हो नहीं सकता प्यार
सब लकीरें जो मैप पे खींची सहूलियत खातिर
उसे तंग जेहन में भी खींचने की है क्या दरकार ?
उसकी बड़ी सेडान
और उसका बड़ा है मकान,
वो जाता है बड़े बाजारों में नहीं जाता छोटी दुकान
चलो इससे दूर रहे
वो छोटे शहर का है,
एडजस्ट नहीं हो पाएगा
इस कल्चर में फिट नहीं हो पाएगा
चलो इससे दूर रहे
वो मछली चावल में खाता है
हमें मशरूम मीट सा लगता है
चलो इससे तो बात ही ना करें
तुम कांग्रेसी, वो बी जेपी वाला
यहां तो कभी ना ले एक निवाला
सब बराबरी तो नहीं
पर है तो सब बराबर ही
सब तो है दो आंख और एक नाक वाला इंसान
लाल खून वाला इंसान
एक परिवार बसाने वाला इंसान
कुछ अरमान पाले इंसान
कुछ राज दबाए इंसान
कहीं चोटी बढ़ाए तो कहीं मुंडा ये इंसान
आगे बढ़ने को आजमाने को तैयार
खुद का तो कभी औरो का भला करता इंसान
खुद को बदलने वाला इंसान
चलो हम कहीं मन से ना हो जाएं बीमार
जो बचा है उसे ही बचा लें
अब मिल के संभाले और संभाले मेरे यार
कुछ बंटवारे मिटाए
और बन जाएं एक परिवार !
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