शब्द
Saturday, August 20, 2016
काफ़िर !
फकत एक तजुर्बे के लिए बढाई थी दाढ़ी
इस काफिर को कई अब हाजी समझते हैं
डर है फिर से कोई काफिर न कहे, इसलिए
वक़्त दो वक़्त चार आयते क़ुरान की पढ़ते हैं
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